गुजरात विधानसभा में मंगलवार को समान नागरिक संहिता (UCC) से जुड़ा महत्वपूर्ण विधेयक पारित कर दिया गया। इसके साथ ही गुजरात, उत्तराखंड के बाद ऐसा करने वाला देश का दूसरा राज्य बन गया है।
राज्य की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार ने इस कदम को समानता और न्याय की दिशा में ऐतिहासिक बताया है, जबकि विपक्ष ने इसे चुनावी रणनीति करार दिया है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार को विधानसभा में यह विधेयक पेश किया। इस बिल का मसौदा तैयार करने के लिए Supreme Court of India की रिटायर्ड जज रंजना देसाई की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था।
बिल के पारित होने के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड लागू होने से राज्य में सभी धर्मों और समुदायों के लिए एक समान कानूनी प्रक्रिया लागू होगी और इससे महिलाओं को बराबरी के अधिकार सुनिश्चित किए जाएंगे।
वहीं, राज्य के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने इस बिल को ‘ऐतिहासिक’ बताते हुए कहा,
“न कोई क़ानून से ऊपर, न कोई नागरिक नीचे — समान गुजरात, सशक्त गुजरात।”