ईरान ने समुद्री सुरक्षा को लेकर अहम बयान जारी करते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पर अपने अधिकारों का स्पष्ट ज़िक्र किया है।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों का पालन करने वाला एक जिम्मेदार देश है और उसने हमेशा समुद्री मार्ग की स्वतंत्रता और सुरक्षा बनाए रखने की कोशिश की है।
बयान में कहा गया कि फ़ारस की खाड़ी, होर्मुज़ स्ट्रेट और ओमान सागर में वर्षों से इन सिद्धांतों की रक्षा की जा रही है, लेकिन यह तभी संभव है जब तटीय देशों की संप्रभुता और अधिकारों का सम्मान किया जाए।
ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इसराइल ने 28 फरवरी 2026 से संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन करते हुए उस पर हमला किया, जिससे इस पूरे क्षेत्र में खतरनाक स्थिति पैदा हो गई है।
ईरान के अनुसार, इन हमलों के जवाब में उसने आत्मरक्षा के तहत क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है और ऐसे कदम उठाए हैं, ताकि हमलावर देश होर्मुज़ स्ट्रेट का दुरुपयोग न कर सकें।
सबसे अहम बात यह है कि ईरान ने उन जहाज़ों के गुजरने पर रोक लगाने की बात कही है, जो अमेरिका, इसराइल या उनके समर्थकों से जुड़े हैं या उनकी गतिविधियों में शामिल हैं।
हालांकि, ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि होर्मुज़ स्ट्रेट पूरी तरह बंद नहीं किया गया है। समुद्री यातायात जारी है, लेकिन जहाज़ों को तय नियमों और सुरक्षा उपायों का पालन करना होगा।