मोदी ने लोकसभा में मध्य पूर्व में जारी युद्ध को लेकर देश को संबोधित करते हुए कहा कि यह संकट अब वैश्विक चिंता का विषय बन चुका है और भारत के सामने भी कई अप्रत्याशित चुनौतियाँ खड़ी हो गई हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है और इस संघर्ष को तीन हफ्तों से अधिक समय हो चुका है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस जंग का असर केवल क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और आम लोगों के जीवन पर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा, “भारत के सामने भी इस युद्ध ने आर्थिक, राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवीय स्तर पर नई चुनौतियाँ खड़ी कर दी हैं।”
प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि प्रभावित देशों में मौजूद भारतीय दूतावास लगातार सक्रिय हैं और वहां फंसे भारतीय नागरिकों की हर संभव मदद की जा रही है। उन्होंने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक करीब 3 लाख 75 हजार भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय मिशन 24 घंटे लोगों के संपर्क में हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।