ममता बनर्जी के बाद अब उमर अब्दुल्लाह ने भी पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादलों पर सवाल उठाए हैं।
ममता बनर्जी ने गुरुवार को ट्रांसफर से जुड़े निर्वाचन आयोग के आदेशों की कॉपी सोशल मीडिया पर साझा करते हुए आयोग पर पश्चिम बंगाल को "निशाना बनाने" का आरोप लगाया था। उन्होंने इस कदम को चिंताजनक बताया।
अब इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए उमर अब्दुल्लाह ने कहा कि इस तरह के बड़े पैमाने पर तबादले आमतौर पर गैर-बीजेपी शासित राज्यों में ही देखने को मिलते हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के लिए यह कोई नई बात नहीं है।
उमर अब्दुल्लाह ने यह भी कहा कि अधिकारी नहीं, बल्कि राजनीतिक दलों के नेता चुनाव जिताते हैं और निर्वाचन आयोग के किसी भी प्रयास से नतीजे नहीं बदलेंगे।
फिलहाल पश्चिम बंगाल में आचार संहिता लागू है। राज्य में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।